NRI ठगी रैकेट का भंडाफोड़: फर्जी GPA से करोड़ों की संपत्ति हड़पने का प्रयास, मुख्य आरोपी दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार

फर्जी GPA में एक अन्य व्यक्ति को शिकायतकर्ता का फर्जी बेटा 'करण भटनागर' बनाया गया, जबकि सच्चाई यह है कि NRI दंपति का कोई बेटा है ही नहीं। इस फर्जी GPA को एंबेसी के माध्यम से भारत मंगवाकर गुरुग्राम के कलेक्टर कार्यालय में रजिस्टर्ड कराया गया।

NRI : गुरुग्राम पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक प्रवासी भारतीय (NRI) दंपति की करोड़ों रुपये की दो संपत्तियों को फर्जी दस्तावेजों के सहारे हड़पने की कोशिश को नाकाम कर दिया है। इस मामले में संलिप्त मुख्य आरोपी लखविंदर सिंह (31)  निवासी नवांशहर पंजाब को गुरुग्राम पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों के समन्वय से  17 नवंबर 2025 को उस वक्त इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) से गिरफ्तार कर लिया जब वह लंदन से भारत लौट रहा था।

जांच में खुलासा हुआ कि ठगी के लिए इस गिरोह ने एक जटिल अंतरराष्ट्रीय जाल बुना था। इसके तहत, सबसे पहले गिरोह के सदस्यों ने अमेरिका में रह रहे NRI पति-पत्नी के नकली पासपोर्ट फ्रांस में तैयार करवाए। इन नकली पासपोर्टों के आधार पर, एक जर्नल पावर ऑफ अटॉर्नी (GPA) स्विट्जरलैंड के Konton Obwalden से रजिस्टर्ड करवाई गई।

फर्जी GPA में एक अन्य व्यक्ति को शिकायतकर्ता का फर्जी बेटा ‘करण भटनागर’ बनाया गया, जबकि सच्चाई यह है कि NRI दंपति का कोई बेटा है ही नहीं। इस फर्जी GPA को एंबेसी के माध्यम से भारत मंगवाकर गुरुग्राम के कलेक्टर कार्यालय में रजिस्टर्ड कराया गया। इसी फर्जी GPA और ‘करण भटनागर’ के नाम का इस्तेमाल करते हुए, आरोपी लखविंदर सिंह ने मार्च 2021 में हुड्डा/HSVP विभाग के कार्यालय में प्रॉपर्टी अपने नाम पर ट्रांसफर परमिशन रजिस्टर्ड करवा ली।

धोखाधड़ी का यह प्रयास 4 सितंबर 2021 को तब सामने आया जब पीड़ित NRI के पास एक प्रॉपर्टी डीलर का फोन आया। डीलर ने उन्हें बताया कि उन्होंने उनके “बेटे करण भटनागर” को 15 लाख रुपये एडवांस दे दिए हैं और 1 करोड़ रुपये RTGS करने जा रहे हैं।

NRI ने तुरंत इस बात से इनकार किया कि उनका कोई बेटा नहीं है। बाद में HSVP की शिकायत पर उन्हें पता चला कि उनकी प्रॉपर्टी पहले ही आरोपी लखविंदर सिंह के नाम ट्रांसफर हो चुकी है।

इस मामले में 3 जनवरी 2023 को सदर थाना, गुरुग्राम में FIR दर्ज की गई थी। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी लखविंदर सिंह अक्टूबर 2022 में यूके चला गया था। गुरुग्राम पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों से संपर्क साधा और एक सुनियोजित कार्रवाई के तहत आरोपी को तब पकड़ा गया जब वह सितंबर 2025 में अपने डिपेंडेंट वीजा की अवधि खत्म होने के कारण लंदन से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा।

इस अंतरराष्ट्रीय गिरोह के अन्य सदस्यों और फर्जी दस्तावेजों को बनाने वालों के बारे में गहन पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया जाएगा। पुलिस इस अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्र के अन्य पहलुओं पर गहन अनुसंधान कर रही है।

Manu Mehta

मनु मेहता पिछले लगभग 18 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों (ANI News, News Express, TV 9,… More »
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